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अशोक चक्र का अर्थ समझीए

!!! सत्यमेव जयते !!!




प्रिय बंधु जन....

ये जीवन सच्चे दिल से राष्ट्र को समर्पित है ,हम सच्चे राष्ट्र प्रेमी हैं और हम एक महान शांति पूर्ण राष्ट्र निर्माण के लिए कुछ भी कर सकते हैं ,भारत सहित पुरे विश्व में  रहने वाला हर एक प्राणी हमारे परिवार का सदस्य है ,और हम सब एक हैं। 


हम सब मानव सर्वप्रथम सिर्फ एक इंसान हैं उसके बाद जो जिस देश का रहने वाला इंसान है वो अपने जीवन के अंत तक उस देश का नागरिक है ।


 प्रकृति के संविधान के अनुसार विश्व के सभी प्राणी एक समान हैं ।


विश्व शान्ति के प्रतीक, विश्व ज्ञान दीप, विश्व गुरु महानव 

शाक्य मुनि तथागत गौतम बुद्ध के धम्म के अनुसार

   बहुजन हिताय    बहुजन सुखाय

संसार को अपना घर समझो

सभी मानव एक समान

जन हित के लिए जियो जन हित के लिए मरो

पशु, पंछियों, छोटे जीव जंतु और पेड़ पौधों पर दया करो 

स्वयं जियो शांति से और दूसरों को जीने दो शांति से


विश्व धम्म विजेता देवनाम प्रियदर्शी सम्राट असोक महान के अनुसार सर्वलोक हित से बढ़कर दूसरा कोई कार्य नहीं

समता                        स्वतंत्रता

न्याय                          बंधुता


[हम  एक इंसान हैं और अपने देश के संविधान के अनुसार जीवन के अंत तक एक भरतीय] 


राइटर: शाक्य सम्राट जितेंद्र मौर्य कि कलम से...जनहित में जारी...

(इलाहाबाद) "उत्तर प्रदेश" 

भारत वर्ष, (इंडिया दैट इज भारत)


जय भीम नमो: बुध्दाय  


बी.एल. बौद्ध

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